शॉकिंग! शादी में चलते-फिरते अचानक मौत; दुल्हन के पास जा रहा शख्स बेचैन होकर रुका और फिर कुर्सियों पर गिरा, फिर उठा ही नहीं
Man Sudden Death in Wedding Ceremony in Jhansi Video Viral
Man Sudden Death: दिन पर दिन देश में अचानक हार्ट अटैक से मौत के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं। अब तो ऐसा लगने लगा है कि पता नहीं अगला नंबर किसका है? बेशक मौत तो एक न एक दिन होनी ही है लेकिन जिस तरह इन दिनों लोग नाचते-गाते और चलते-फिरते मौत की नींद सो रहे हैं। यह देखना बेहद भयावह है और चिंता पैदा करने वाला है। दरअसल अब एक और ऐसा ही हैरान करने वाला मामला यूपी के झांसी से सामने आया है। जहां शादी समारोह में एक शख्स चलते हुए जा रहा था और इसी बीच वह अचानक बेचैन सा हुआ और वहां कुर्सियों पर गिर गया। इसके बाद वह दोबारा उठा ही नहीं। उसकी मौत हो चुकी थी।
CCTV कैमरे में कैद हुई पूरी घटना
शख्स की अचानक मौत की पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है, जिसमें शख्स को चलते हुए अचानक से गिरते देखा जा सकता है। बाद में जब लोगों को ध्यान गया, शाख की मौत हो गई थी। इस घटना से शादी समारोह की खुशी पल भर में मातम में तब्दील हो गई। शख्स की पहचान हरिमोहन सेन (60 साल) के रूप में हुई है। बताया जाता है कि यह शख्स दुल्हन का मामा था। इस घटना ने मौक पर सभी को स्तब्ध कर दिया। वहीं शख्स की मौत का सीसीटीवी वीडियो देख सोशल मीडिया पर भी लोग स्तब्ध रह जा रहे हैं।
दुल्हन को गिफ्ट देने जा रहा था शख्स
बताया जा रहा है कि हरिमोहन सेन अपनी भांजी यानि दुल्हन को थैले में साड़ी लेकर स्टेज की ओर गिफ्ट देने जा रहा था। इसी दौरान अचानक चलते-चलते वह कुर्सियों पर गिर पड़ा। शुरुआती अफरातफरी और शादी की व्यस्तता के कारण कुछ देर तक किसी का ध्यान उसकी ओर नहीं गया। लेकिन जब बाद में परिजनों और मौजूद लोगों ने उन्हें गिरा देखा तो तुरंत सीपीआर देने की कोशिश की गई, लेकिन तब तक हरिमोहन सेन की मौत हो चुकी थी। वहीं अस्पताल में डॉक्टरों के चेकअप के बाद परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। डॉक्टर मान रहे हैं कि हरिमोहन सेन को अचानक हार्ट अटैक आया और उसकी मौत हो गई।
पता नहीं अब कब जिंदगी हाथ छुड़ाकर चल दे
बहराल देश में इन दिनों एक बेहद दर्दनाक और डरावनी स्थिति बनी हुई है। मतलब हैरानी की बात है कि चलते-फिरते लोगों की हार्ट अटैक से अचानक मौत हो जा रही है। पिछले कुछ समय से ये सिलसिला लगातार तेजी से जारी है और एक के बाद एक अब तक क लोग (अधिकतर युवा) इसी तरह मौत के मुंह में समा चुके हैं. बहराल अब तो डर लग रहा है। पता नही कब किस मोड़ पर जिंदगी अचानक हाथ छुड़ाकर चल दे और मौत दबे पांव आकर अपना शिकंजा कस ले। इस ओर सरकार और जो भी मेडिकल एक्सपर्ट हैं, उन्हें चेतना चाहिए।
कोरोना के बाद जिंदगी पर गहराया मौत का साया!
खासकर कोरोना के बाद से जिंदगी बहुत मुश्किल हो गई है। जिंदगी पर मौत का साया गहरा गया है। खासकर खेलने-कूदने वाले लोगों के लिए हाई रिस्क है। युवाओं के बीच अचानक मौत का यह दौर महामारी की तरह पसर रहा है। अब तो यह कहना मुनासिफ़ ही होगा कि कितनी ऐसी मौतों के बाद हम इस मेडिकल इमरजेंसी को स्वीकार करेंगे? फिलहाल लोग सावधानी बरतें और समय-समय पर अपने शरीर का चेकअप कराते रहें। खासकर हार्ट से जुड़ी जांच हर 6 महीने में कराएं।
ICMR ने कहा- अचानक मौत का वैक्सीन से संबंध नहीं
ऐसी अचानक मौतों को देखते हुए लोगों के बीच एक बहस और चर्चा कोरोना वैक्सीन को लेकर खूब चल रही थी। पिछले कुछ दिनों से ये अंदेशा जताया जा रहा था कि चलते-फिरते आ रहे हार्ट अटैक और उसकी वजह हो रही मौत का कोविड वैक्सीन से संबंध है। लोग यही मान रहे थे कि इसके पीछे कोरोना वैक्सीन ही वजह है। लेकिन हाल ही में भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) ने रिसर्च करते हुए एक रिपोर्ट जारी की और यह स्पष्ट किया कि अचानक मौतों का कोविड वैक्सीन से कोई सीधा संबंध नहीं है।
मसलन भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) ने इस गंभीर स्थिति को स्वीकार जरूर किया है लेकिन इसके निदान और असल कारण के तह तक जाना बाकी है। यानि अचानक मौतों को लेकर कोई बचाव उपाय निकालना चाहिए। क्योंकि देश में इन दिनों अचानक मौत को लेकर एक बेहद दर्दनाक और डरावनी स्थिति बनी हुई है। पिछले कुछ समय से ये सिलसिला लगातार तेजी से जारी है और एक के बाद एक अब तक कई लोग (अधिकतर युवा) इसी तरह मौत के मुंह में समा चुके हैं।
हार्ट अटैक आने पर कैसे दें CPR?
हार्ट अटैक की स्थिति हम में से किसी के साथ भी घटित हो सकती है। इसलिए अगर आपके सामने ऐसी कोई भी स्थिति आती है तो सबसे पहले मरीज़ को फ़र्श पर लिटा कर उसकी पल्स और धड़कन देखने की कोशिश करें। किसी एक व्यक्ति को फ़ौरन एंबुलेंस को कॉल करने को कहें। अगर नज़दीकी अस्पताल का नंबर है तो उसपर कॉल करें। अगर पल्स नहीं मिल रही तो तुरंत CPR शुरू करें। मरीज़ के आसपास भीड़ ना लगाएँ और CPR तब तक देते रहें जब तक मदद ना आ जाये या मरीज़ की पल्स ना मिलने लगे।
अगर आपको CPR देने की विधि मालूम नहीं है तो आप यहां जान लीजिये। CPR देने की क्रिया में आप मरीज के कन्धों के पास घुटनों के बल बैठ जाएं। इसके बाद अपनी एक हाथ की हथेली को मरीज की छाती के बीच में रखें. दूसरे हाथ की हथेली को पहले हाथ की हथेली के ऊपर रखें। अपनी कोहनी को सीधा रखें और कन्धों को मरीज के छाती के ऊपर सीधाई में रखें।
वहीं अपने ऊपर के शरीर के वजन का इस्तेमाल करते हुए मरीज की छाती को कम से कम 2 इंच (5 सेंटीमीटर) और ज़्यादा से ज़्यादा 2.5 इंच (6 सेंटीमीटर) तक दबाएं और छोड़ें। एक मिनट में 100 से 120 बार ऐसा करें। अगर आपको फिर भी सीपीआर देना नहीं आ रहा है, तो व्यक्ति के हिलने डुलने तक या मदद आने तक उसकी छाती दबाते रहें। शायद आपका कोई दवाब उसकी साँसों को दोबारा लाने में सफल हो जाये। उसका हार्ट काम करने लग जाये।